Buchdetails
Beschreibung
शहरवासियों में डर का माहौल व्याप्त हो गया है। हर कोई अपनी सुरक्षा के प्रति चिंतित है, और पुलिस की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। कैदियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उन्हें काबू करना आसान नहीं है।
राजनगर के लोग एकजुट होकर इस संकट का सामना करने की कोशिश कर रहे हैं। वे समझते हैं कि अगर वे एक-दूसरे का साथ नहीं देंगे तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है। इस चुनौतीपूर्ण समय में आपसी सहयोग और साहस ही उनकी एकमात्र आशा है।