Detalles del libro
Formato
Tapa blanda
Páginas
88
Idioma
Hindi
Publicado
Jan 1, 2015
Editorial
Yali Dream Creations
ISBN-10
0989757404
ISBN-13
9780989757409
Descripción
इस कथा में एक अद्भुत यात्रा का चित्रण किया गया है, जहाँ पिशाचों का एक समूह भारतीय रेगिस्तानों में खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ घूमता है। ये रक्तपिपासु जीव, जो नौटंकी और सर्कस के नौंकियों के रूप में पेश होते हैं, अपनी खौफनाक मौजूदगी और रोचक गतिविधियों के साथ आश्चर्यजनक परिदृश्यों का निर्माण करते हैं। लेखक शमिक दासगुप्ता, बिकाश सठपथी, विश्वनाथ मनोकरन, नवाल थानवाला, तारानी त्रिपाठी, स्वप्निल सिंह और विभव पांडे की कलम से उभरे यह पिशाच एक अनोखी कथा का निर्माण करते हैं, जो न केवल डरावनी है बल्कि मनोरंजक भी है।
कहानी में इस पिशाच समूह की यात्रा के जरिए मानवता के गहरे और जटिल पहलुओं का अनावरण किया गया है। रेगिस्तानों की बर्फ सी शांत रातों में ये जीव अपने पाशविक नृत्य और सर्कस के करतबों से मनुष्य को एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं। उनकी अनकही कहानियां, संघर्ष और मानवीय भावनाएं पाठकों को एक रोमांचक सफर पर ले जाती हैं, जहाँ अनजान खतरे, प्राचीन रहस्य और सामाजिक वास्तविकताएँ उभरकर सामने आती हैं।
कहानी में इस पिशाच समूह की यात्रा के जरिए मानवता के गहरे और जटिल पहलुओं का अनावरण किया गया है। रेगिस्तानों की बर्फ सी शांत रातों में ये जीव अपने पाशविक नृत्य और सर्कस के करतबों से मनुष्य को एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं। उनकी अनकही कहानियां, संघर्ष और मानवीय भावनाएं पाठकों को एक रोमांचक सफर पर ले जाती हैं, जहाँ अनजान खतरे, प्राचीन रहस्य और सामाजिक वास्तविकताएँ उभरकर सामने आती हैं।