NAGRAJ AUR PAPRAJ
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Formato
Tapa blanda
Páginas
64
Idioma
Hindi
Publicado
Jan 1, 1994
Editorial
Raj Comics
ISBN-10
9332406766
ISBN-13
9789332406766
Descripción
उस दिव्य बालक की कहानी एक नए जैसे सवेरे की किरण की तरह है, जो उम्मीद और विश्वास के साथ संसार में आता है। वह अपनी शक्तियों से भरे और करुणा से अंधियारे के खिलाफ खड़ा होता है। जैसे ही वह अपने अपराधी दुश्मन, पापराज, से टकराता है, पाठक को एक रोमांचक यात्रा पर ले जाता है, जहाँ साहस और मित्रता की महत्ता अद्वितीय रूप से उभरती है।
इस कथा में न केवल एक नायक का उदय है, बल्कि यह मानवता के मूल्यों और आंतरिक शक्ति को पहचानने की प्रेरणा भी देती है। प्यार, संघर्ष और अद्वितीय बलिदान की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि हर अंधेरे में उजाले की एक किरण होती है, और यह कि हर एक व्यक्ति में विशेषता छिपी होती है।
इस कथा में न केवल एक नायक का उदय है, बल्कि यह मानवता के मूल्यों और आंतरिक शक्ति को पहचानने की प्रेरणा भी देती है। प्यार, संघर्ष और अद्वितीय बलिदान की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि हर अंधेरे में उजाले की एक किरण होती है, और यह कि हर एक व्यक्ति में विशेषता छिपी होती है।
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