CHOR SIPAHI

CHOR SIPAHI

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1993 · هندی · جلد نرم
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توضیحات

डोगा एक खतरनाक मिशन पर निकलता है, जहाँ उसे चोर बाजार में मिलने वाले घटिया हथियारों से निजात पाने की जरूरत है। उसकी आंखें बिच्छु गिरोह के असला बारूद के भंडार पर टिकी हुई हैं, जो उसके लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है। उसकी योजना स्पष्ट है: वह कानून से परे जाकर इन खतरनाक हथियारों को हासिल करना चाहता है, ताकि वह अपने दुश्मनों का सामना कर सके।

संजय गुप्ता और विनोद कुमार ने इस कहानी में रोमांच और नाटकीयता का बेहतरीन मिश्रण पेश किया है। डोगा की कठिनाइयाँ और उसके संघर्ष उसके चरित्र को और गहरा बनाते हैं, जिससे पाठक उसकी स्थिति के साथ जुड़ते हैं। चोर बाजार की खौफनाक दुनिया और बिच्छु गिरोह की शक्ति ने कहानी में ताजगी और सस्पेंस भर दिया है।

किताब एक ऐसा सफर है, जो न केवल एक्शन से भरपूर है, बल्कि नैतिकताएं और व्यक्तिगत बलिदान भी उजागर करता है। डोगा की यात्रा उसके लिए सिर्फ एक चुनौती नहीं, बल्कि आत्म-खोज का एक साधन भी बन जाती है। पाठक उसके अनुभवों में खो जाने के लिए तत्पर हैं, जहाँ हर मोड़ पर नए रहस्य और साहसिकता का सामना करना होता है।

جزئیات کتاب

فرمت جلد نرم
صفحات 32 صفحه
زبان هندی
منتشر شده ژانویه 1, 1993
ناشر Raj Comics
ISBN-10 8184918712
ISBN-13 9788184918717
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