جزئیات کتاب
فرمت
جلد سخت
صفحات
291
زبان
هندی
منتشر شده
Jan 1, 2009
ناشر
Prabhat Prakashan
ISBN-10
8173152721
ISBN-13
9788173152726
توضیحات
प्रलय एक भावुक कथा है, जो पाठक को गहरे भावनात्मक और तात्कालिक अनुभवों में ले जाती है। इस पुस्तक में, लेखक मनु शर्मा ने अपने शब्दों के माध्यम से जीवन के उतार-चढ़ाव और मानवता की जटिलता को खंगालने का प्रयास किया है। तूफानी हालात और शांति का संतुलन, इन दोनों के बीच की कलात्मकता को शब्दों में ढाला गया है।
कहानी की पृष्ठभूमि में हिमालय की ऊँचाई और सिंधू की चकाचौंध भरी तरंगें पाठक को एक अद्वितीय यात्रा पर ले जाती हैं। लेखक ने प्राकृतिक सौंदर्य और मानव भावना के संगम को बुनकर एक अद्वितीय चित्र प्रस्तुत किया है। हर पंक्ति में भावनाएँ अंकित हैं, जो पाठक को सोचने पर मजबूर करती हैं।
प्रलय का संयोजन न केवल कहानी कहता है, बल्कि यह पाठक को एक गहरी मानसिक और आत्मिक हलचल के लिए भी प्रेरित करता है। यह पुस्तक न केवल दर्शन की दृष्टि से, बल्कि जीवन की वास्तविकताओं से भी पाठक को जोड़ती है। एक बार फिर, मनु शर्मा ने अपने लेखन के जरिए सृजनात्मकता और गहराई को एक नई परिभाषा दी है।
कहानी की पृष्ठभूमि में हिमालय की ऊँचाई और सिंधू की चकाचौंध भरी तरंगें पाठक को एक अद्वितीय यात्रा पर ले जाती हैं। लेखक ने प्राकृतिक सौंदर्य और मानव भावना के संगम को बुनकर एक अद्वितीय चित्र प्रस्तुत किया है। हर पंक्ति में भावनाएँ अंकित हैं, जो पाठक को सोचने पर मजबूर करती हैं।
प्रलय का संयोजन न केवल कहानी कहता है, बल्कि यह पाठक को एक गहरी मानसिक और आत्मिक हलचल के लिए भी प्रेरित करता है। यह पुस्तक न केवल दर्शन की दृष्टि से, बल्कि जीवन की वास्तविकताओं से भी पाठक को जोड़ती है। एक बार फिर, मनु शर्मा ने अपने लेखन के जरिए सृजनात्मकता और गहराई को एक नई परिभाषा दी है।