Soochana Ka Adhikar

Soochana Ka Adhikar

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2013 · هندی · جلد نرم
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توضیحات

भारत का प्रत्येक नागरिक करदाता है । गरीबी रेखा सें नीचे रहनेवाला आम आदमी माचिस की डिब्बी खरीदते समय भी बिक्री-कर एवं उत्पाद-कर देता है । हमारी सरकार लोगों के द्वारा दिए जानेवाले टैक्स से ही चलती है । स्वभावत : हर व्यक्‍त‌ि सरकारी विभागों एवं एजेंसियों द्वारा की जा रही काररवाइयों की जानकारी चाहता है; क्योंकि इनका आम आदमी के जीवन पर प्रत्यक्ष असर पड़ता है । सरकारी विभागों एवं एजेंसियों से जनता का संबंध चोली-दमन का है-जन्म प्रमाण-पत्र से मृत्यु प्रमाण-पत्र पाने तक जनता उनपर आश्रित रहती है ।
हमारे संविधान में सूचना का अधिकार एक मौलिक अधिकार माना गया है । सूचना पाने का कानून न्यायपालिका और विधायिका पर भी समान रूप से लागू होता है । आम जन उनके कार्य एवं गतिविधियों की जानकारी माँग सकते हैं । सारी दुनिया में सरकारें अपने नागरिकों को अपने कार्य- कलापों की अधिक-से- अधिक जानकारी उपलब्ध करवा रही हैं ।
सूचना का अधिकार प्रत्येक जन सूचना अधिकारी; सहायक जन सूचना अधिकारी एवं उन सभी कर्मचारियों के लिए विशेष महत्त्व रखती है; जो इस अधिनियम को लागू करने के लिए उत्तरदायी हैं । सरल; सुगम एवं बोधगम्य भाषा में लिखी यह पुस्तक पाठकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी; जानकारीपरक एवं पठनीय है ।

جزئیات کتاب

فرمت جلد نرم
صفحات 216 صفحه
زبان هندی
منتشر شده Jan 1, 2013
ناشر Prabhat Paperbacks, New Delhi
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