HUM HONGEY KAAMYAB

HUM HONGEY KAAMYAB

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Jan 1, 2010 · Hindi · Paperback (48 pagina's)
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Boekdetails

Formaat Paperback
Pagina's 48
Taal Hindi
Gepubliceerd Jan 1, 2010
Uitgever Raj Comics
ISBN-10 9332415773
ISBN-13 9789332415775

Beschrijving

इस पुस्तक में, लेखक नितिन मिश्रा, हेमंत, गौरव और सुनील ने खेल और उसकी राजनीति के विवादास्पद पहलुओं की पड़ताल की है। वे उन भ्रष्ट तत्वों का खुलासा करते हैं, जो खेलों के नाम पर देशवासियों की मेहनत और खून-पसीने की कमाई को लूटने का प्रयास कर रहे हैं। यह एक गंभीर निबंध है जो खेल की दुनिया में व्याप्त अव्यवस्थाओं और धोखाधड़ी पर प्रकाश डालता है।

लेखक एक संवेदनशील दृष्टिकोण से खेल क्षेत्र के आरोपों और चुनौतियों की चर्चा करते हैं। वे यह बताते हैं कि कैसे कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए खेल को इस तरह से प्रदूषित कर रहे हैं कि असली खेल भावना और प्रतियोगिता को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में, खेल को केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि एक विश्वसनीय राष्ट्र निर्माण का अंग माना जाए।

यह पुस्तक उन लोगों के लिए एकEye-Opener है, जो खेल को उसके असली मूल में देखना चाहते हैं। लेखक इस मुद्दे के पीछे छिपे गहरे राज़ और बुनियादी समस्याओं को उजागर करते हैं, जिससे पाठक इस गंभीर विषय पर सोचने के लिए मजबूर होते हैं। खेल के क्षेत्र में सुधार के लिए आवश्यक कदम सुझाते हुए, यह किताब खेल प्रेमियों के लिए एक सशक्त आवाज बन जाती है।
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