NAGRAJ AUR MISTER 420
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Формат
Мягкая обложка
Страницы
32
Язык
Хинди
Опубликовано
Jan 1, 1993
Издатель
Raj Comics
ISBN-10
8184918267
ISBN-13
9788184918267
Описание
मुम्बई की गली-गली में छाई है दहशत, जब एक लूट गैंग निरंतर आतंक फैला रहा है। इस शहर की रौनक को गहरा धुंधला करने वाले इन अपराधियों के खिलाफ नागराज का संघर्ष शुरू होता है। वह न केवल अपनी ताकत से, बल्कि अपने संवेदनशील दिल से भी इस चुनौती का सामना करता है।
कहानी में दोस्ती, बहादुरी और न्याय की खोज है। पाठकों को हर पन्ने पर रोमांच बढ़ता हुआ महसूस होगा, जब नागराज अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानता है और अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए खड़ा होता है।
क्या नागराज अपने शहर को इस आतंक से मुक्त करवा सकेगा? खतरनाक रोमांच और दिल को छू लेने वाली भावना से भरी यह कहानी पाठकों को बांधे रखती है और उन्हें अपने प्यारे मुम्बई की रक्षा की यात्रा पर ले जाती है।
कहानी में दोस्ती, बहादुरी और न्याय की खोज है। पाठकों को हर पन्ने पर रोमांच बढ़ता हुआ महसूस होगा, जब नागराज अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानता है और अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए खड़ा होता है।
क्या नागराज अपने शहर को इस आतंक से मुक्त करवा सकेगा? खतरनाक रोमांच और दिल को छू लेने वाली भावना से भरी यह कहानी पाठकों को बांधे रखती है और उन्हें अपने प्यारे मुम्बई की रक्षा की यात्रा पर ले जाती है।
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