PAAGAL NAGRAJ
Оценок пока нет
Формат
Мягкая обложка
Страницы
56
Язык
Хинди
Опубликовано
Jan 1, 2005
Издатель
Raj Comics
ISBN-10
9332412146
ISBN-13
9789332412149
Описание
दिल्ली की गलियों में घूमते हुए, एक अजीबोगरीब दुनिया खुलती है जहाँ पर दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं। “पागल नागराज” में प्रेम, दोस्ती, और नफ़रत के रंगों के साथ-साथ असामान्य पलों की एक दिलचस्प कहानी निबंधित की गई है। जॉली और अनुपम की लेखनी ने एक ऐसा कैनवास तैयार किया है, जिस पर जीवन के हर रंग की छाया है।
इस कहानी में पात्रों की जद्दोजहद, उनके अद्भुत अनुभव और गहरे भावनात्मक उतार-चढ़ाव पाठकों को एक अद्वितीय यात्रा पर ले जाते हैं। तनाव के क्षणों से लेकर सुखद यादों तक, हर पन्ने में दिल को छूने वाली बातें छुपी हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि जीवन की पागलपन में भी प्यार और दोस्ती का कीमती महत्व है।
इस कहानी में पात्रों की जद्दोजहद, उनके अद्भुत अनुभव और गहरे भावनात्मक उतार-चढ़ाव पाठकों को एक अद्वितीय यात्रा पर ले जाते हैं। तनाव के क्षणों से लेकर सुखद यादों तक, हर पन्ने में दिल को छूने वाली बातें छुपी हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि जीवन की पागलपन में भी प्यार और दोस्ती का कीमती महत्व है।
Обзоры
Отзывов пока нет
Станьте первым, кто оставит отзыв о этой книге и поделится своими мыслями
Добавить первый отзывЖурнал чтения
Журналы чтения не найдены
Начните отслеживать ваш прогресс в чтении, чтобы видеть записи здесь
Добавьте ваш первый журнал чтенияЗаметки
Журнал транзакций
Журналы транзакций не найдены
Начните отслеживать ваши книжные транзакции, чтобы видеть записи здесь
Добавьте ваш первый журнал транзакций