Bokdetaljer
Format
Pocketbok
Språk
Hindi
Publicerad
Jan 1, 1906
Förlag
Hind Pocket Books
ISBN-13
9788121616010
Beskrivning
‘नौका डूबी’ रवि बाबू का सही मायनों में एक ऐसा अनूठा उपन्यास है, जिसे विश्व के साहित्य−समाज में अपूर्व गौरव मिला। एक ऐसी अभागिन पत्नी की मार्मिक कहानी है यह, जो स्वयं को अपने ही पति से छिपाने की विवशता में छटपटाती रही। यह उस युवक की कहानी भी है, जो परायी स्त्री के सामने यह प्रकट नहीं कर पाता कि वह उसका पति नहीं है। विवशताओं की मझधार में फंसी डूबती−उतराती नौका की कहानी।
Genrer
Romantik
Vetenskap & Teknik
Historia
Natur