Description
मनोहर एक सजायाफ्ता मुजरिम था जो सुधरना चाहता था । लेकिन वो नहीं जानता था वो एक ऐसे समाज में रहता था जो शरीफ आदमियों को तो मुजरिम बनने से रोकता तो नहीं था, परन्तु ये जरूर निश्चित कर देता था कि कोई मुजरिम शरीफ ना बन पाये । और फिर हालात से सताए मनोहर ने एकमुश्त रकम पीटने की एक फूलप्रूफ योजना बनाई ! परन्तु क्या कोई योजना वास्तव में फूलप्रूफ हो सकती थी !