DOGA AUR JHABRA

DOGA AUR JHABRA

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1994 · Hindi · Paperback
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Description

मोनिका की जिंदगी में एक प्यारा झबरीला कुत्ता झबरा आता है, जो पहले नज़र में एक सामान्य पालतू की तरह लगता है। उसकी मासूमियत और चंचलता मोनिका के दिल को छू जाती है। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, मोनिका को एहसास होता है कि यह कुत्ता सिर्फ एक साधारण जानवर नहीं है, बल्कि उसके भीतर एक डरावना दरिंदा छिपा हुआ है। यह जानवर पल भर में उसकी जिंदगियों को बदलने की क्षमता रखता है।

इस कहानी में मोनिका का सफर उसके नए साथी के साथ शुरू होता है, जो न केवल उस पर अपनी छवि छोड़ता है, बल्कि उसकी जिंदगी की गहराइयों में उतरता है। मोनिका की मासूमियत के साथ-साथ, झबरा का असली चेहरा भी धीरे-धीरे खुलता है। यह कुत्ता सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि मोनिका के लिए एक चुनौती, एक खतरा सामने लाता है जो उसे अपने भीतर के डर और साहस को पहचानने पर मजबूर करता है।

कहानी में मोनिका की जर्नी एक अद्वितीय अनुभव के रूप में विकसित होती है, जहाँ वह अपने पालतू की असलियत को समझते हुए अपने जीवन के महत्वपूर्ण सबक सीखती है। यह न केवल एक कुत्ते के बारे में है, बल्कि विश्वास, डर और प्रेम के जटिल रिश्तों का अन्वेषण भी प्रस्तुत करता है। मोनिका की यात्रा में पाठक को एक गहरी मानवीय भावना की झलक मिलती है, जो अंततः उसे एक नई दृष्टि देती है।

Book Details

Format Paperback
Pages 32 pages
Language Hindi
Published Jan 1, 1994
Publisher Raj Comics
ISBN-10 8184919611
ISBN-13 9788184919615
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