Book Details
Format
Paperback
Pages
32
Language
Hindi
Published
Jan 1, 2015
Publisher
Raj Comics
ISBN-10
9332424217
ISBN-13
9789332424210
Description
संघर्ष और अन्याय के बीच मुंबई की बस्तियों में घातक मुकाबले शुरू होते हैं। निर्मूलक, जो डोगा के खिलाफ एक चुनौती प्रस्तुत करता है, समस्याओं का निपटारा करने की जगह उन्हें जड़ से उखाड़ फेंकने का लक्ष्य रखता है। उसकी यह मुहिम केवल बाहुबल से ही नहीं, बल्कि बुद्धिमत्ता और रणनीति से भरी होती है।
प्रमुख चरित्रों के बीच ताने-बाने का जाल बिछा हुआ है। डोगा और निर्मूलक के बीच की टकरार में न केवल शारीरिक लड़ाई होती है, बल्कि विचारधाराओं का भी टकराव होता है। ये दोनों नायक अपने-अपने सिद्धांतों और मूल्यों के लिए लड़ाई करते हैं।
महानगर की पृष्ठभूमि में, यह कहानी न केवल रोमांचक है बल्कि गहरे सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करती है। पाठक को यह महसूस होता है कि जब समस्याएं गंभीर हो जाती हैं, तो समाधान भी उतने ही क्रांतिकारी होने चाहिए।
प्रमुख चरित्रों के बीच ताने-बाने का जाल बिछा हुआ है। डोगा और निर्मूलक के बीच की टकरार में न केवल शारीरिक लड़ाई होती है, बल्कि विचारधाराओं का भी टकराव होता है। ये दोनों नायक अपने-अपने सिद्धांतों और मूल्यों के लिए लड़ाई करते हैं।
महानगर की पृष्ठभूमि में, यह कहानी न केवल रोमांचक है बल्कि गहरे सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करती है। पाठक को यह महसूस होता है कि जब समस्याएं गंभीर हो जाती हैं, तो समाधान भी उतने ही क्रांतिकारी होने चाहिए।