Description
सदानन्द पुणेकर की ज़िंदगी एक शानदार व्यापारिक सफलता का प्रतीक है, लेकिन उसकी पत्नी को इस बात का खेद है कि उसकी खूबसूरत façade के पीछे क्या छिपा है। जब वह उसके इज्जतदार व्यक्तित्व पर सवाल उठाती है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। एक रहस्य की परतें खुलती हैं, जो पाठकों को एक अद्भुत यात्रा पर ले जाती हैं।
इस कहानी में संघर्ष और सच्चाई की खोज intertwined हैं, जो भावनाओं से भरी हुई है। सुरेन्द्र मोहन पाठक ने इस रोमांचक थ्रिलर के माध्यम से रिश्तों के गहराई और धोखे की दुनिया को बेहद आकर्षक ढंग से उकेरा है। पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाले पल और दिल को छू लेने वाले दृश्य एक-दूसरे के साथ चलते हैं, जो हर पृष्ठ पर सस्पेंस बना रहता है।
इस कहानी में संघर्ष और सच्चाई की खोज intertwined हैं, जो भावनाओं से भरी हुई है। सुरेन्द्र मोहन पाठक ने इस रोमांचक थ्रिलर के माध्यम से रिश्तों के गहराई और धोखे की दुनिया को बेहद आकर्षक ढंग से उकेरा है। पाठकों को सोचने पर मजबूर करने वाले पल और दिल को छू लेने वाले दृश्य एक-दूसरे के साथ चलते हैं, जो हर पृष्ठ पर सस्पेंस बना रहता है।
Book Details
Format
Kindle
Pages
348 pages
Language
Hindi
Published
Nov 30, 2018