Description
सुनील को ग्लैमर बॉय की उपाधि देकर, उसकी असाधारण सफलता में पक्षपात का हवाला देकर इन्स्पेक्टर प्रभूदयाल ने एक केस की स्वतंत्र रूप से तहकीकात करने की मांग कर डाली । परिणामस्वरूप उसके सामने थी डबल मर्डर की एक पेचीदा, मकड़ी के जाले की तरह उलझी हुई दास्तान, जो उसके लिये स्वयं उसके सृजनकर्ता का चैलेन्ज थी ।
Book Details
Format
Paperback
Language
Hindi
Published
Sep 1, 1983