Description
हर मुजरिम यही समझता है कि वो नहीं पकड़ा जाने वाला, जो पकड़े गए थे वो नादान थे ! लेकिन कानून से कोई नहीं भाग सकता । वक्ती तौर पर कोई अपने आप को सुरक्षित हो गया महसूस कर सकता है लेकिन देर-सवेर कानून के लंबे हाथ हर मुजरिम की गर्दन तक पहुंचने ही होते हैं, पहुंचते ही हैं ! क्या इस बार भी ऐसा ही होने वाला था ?
Book Details
Format
Paperback
Language
Hindi
Publisher
Shanu Paperbacks