NAGRAJ HAI NA

NAGRAJ HAI NA

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2011 · Hindi · Paperback
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Export Book Journal

Description

महानगर को मिली है मेट्रो गेम्स की मेजबानी लेकिन कोई दुश्मन उन्हें असफल करने को प्रतिज्ञाबद्ध हो गया है और प्रसाशन उसे काबू करने में असफल साबित हो रहा है| देश की इज्जत भी दांव पर है साथ ही देशवासी भी त्रस्त हैं| ऐसे में नागराज ने देश की इज्जत और देशवासियों की समस्याओं की पतवार अपने हाथ मे संभाल ली यह कह कर कि नागराज है ना| इस महा खेल में शामिल हो गए हैं ऐसे अभ्यस्त खिलाड़ी जोकि नागराज जैसे महानायक के भी नाकों चने चबवा सकते हैं.

Book Details

Format Paperback
Pages 64 pages
Language Hindi
Published Jan 1, 2011
Publisher Raj Comics
ISBN-10 933241579X
ISBN-13 9789332415799
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