Description
परमीत मेहरा को रंगीला राजा, मनचला, मजनू, छैला बाबू, रोमियो, कैसानोवा, प्लेब्वाय जैसे कई नामों से पुकारा जा सकता था लेकिन उसकी असल जात औकात पहचानने वाला कोई उसे लम्पट, शोहदा या औरतखोर ही कहता। इसी वजह से वीकएण्ड पर कार लेकर दिल्ली की सड़कों पर भटकना उसका पसंदीदा शगल था। फिर एक रोज उसे अपना मैच मिल गया और वो परमीत मेहरा से परमीत मेहरा मरहूम बन गया।
Book Details
Format
Paperback
Pages
320 pages
Language
Hindi
Published
Jan 1, 2009
Publisher
Raja Pocket Books
ISBN-13
9788176047913