तीसरा वार

तीसरा वार

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2009 · Hindi · Paperback
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Description

परमीत मेहरा को रंगीला राजा, मनचला, मजनू, छैला बाबू, रोमियो, कैसानोवा, प्लेब्वाय जैसे कई नामों से पुकारा जा सकता था लेकिन उसकी असल जात औकात पहचानने वाला कोई उसे लम्पट, शोहदा या औरतखोर ही कहता। इसी वजह से वीकएण्ड पर कार लेकर दिल्ली की सड़कों पर भटकना उसका पसंदीदा शगल था। फिर एक रोज उसे अपना मैच मिल गया और वो परमीत मेहरा से परमीत मेहरा मरहूम बन गया।

Book Details

Format Paperback
Pages 320 pages
Language Hindi
Published Jan 1, 2009
Publisher Raja Pocket Books
ISBN-13 9788176047913
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