Description
शरद एक तड़ीपार कार थीफ था जो कि ब्रम्हा नाम के एक बड़े बिजनेसमैन की ओट में स्मगलर के लिये काम करता था । खुद को भगवान मानने वाले ब्रम्हा ने अपनी ‘प्रजा’ शरद को एक और साधारण बिजनिस ट्रिप पर नेपाल भेजा ! एक ऐसी ट्रिप जैसी कि शरद पहले भी इक्कीस बार कर चुका था और जिसे वो सामान्य रोजमर्रा की ट्रिप बतलाता था । लेकिन क्या ये ट्रिप भी पिछली इक्कीस ट्रिप जैसी सामान्य थी ?
Book Details
Format
Paperback
Pages
256 pages
Language
Hindi
Published
Apr 1, 1993
Publisher
Raja Pocket Books