Description
सुरेन्द्र मोहन पाठक की कहानी में एक आदमी की बदकिस्मती और उसकी अद्भुत यात्रा का कोलाज बुनता है। हर कोई अपने तरीके से उस पर सवाल उठाता है, कुछ उसे नशेड़ी मानते हैं, तो कुछ उसके मानसिक स्थिति पर ध्यान देते हैं।
जिंदगी की पेचीदगियों में उलझे इस पात्र की कहानी न केवल उसके संघर्षों को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक इंसान अपने अंदर की शक्ति को पहचान सकता है। पाठक एक ऐसा संसार बुनते हैं जहां आशा और निराशा के रंग बिखरे हुए हैं, और हर मोड़ पर एक नया रहस्य इंतजार कर रहा है।
जिंदगी की पेचीदगियों में उलझे इस पात्र की कहानी न केवल उसके संघर्षों को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक इंसान अपने अंदर की शक्ति को पहचान सकता है। पाठक एक ऐसा संसार बुनते हैं जहां आशा और निराशा के रंग बिखरे हुए हैं, और हर मोड़ पर एक नया रहस्य इंतजार कर रहा है।
Book Details
Format
Paperback
Pages
352 pages
Language
Hindi
Published
Jan 1, 2009
Publisher
Raja Pocket Books
ISBN-10
8184910061
ISBN-13
9788184910063