Description
सुरेन्द्र मोहन पाठक की यह कहानी एक जटिल और रहस्यमयी कत्ल पर आधारित है जो पाठक को एक अद्भुत दुनिया में ले जाती है। कथानक में एक सरकारी वकील है, जिसका इरादा अदालत में उस कत्ल की ऐसी तस्वीर पेश करना है कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाएं।
कहानी के हर मोड़ पर suspense और intrigue का तड़का है, जो पाठक को अपनी सीट पर बंधे रखता है। वकील की रणनीतियाँ और केस की पेचिदगियाँ साजिशों से भरी हुई हैं, जबकि अपराधी की पहचान और हत्या के कारणों की तहकीकात में गहराई से उतरना आवश्यक है।
यह न केवल एक थ्रिलर है, बल्कि यह न्याय के बारे में भी गहरी सोच विचार करने के लिए मजबूर करता है। पाठक को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार करने में सक्षम बनाता है जो समाज में व्याप्त हैं, जिसमें अपराधी और कानून के बीच का जटिल संबंध उजागर होता है।
कहानी के हर मोड़ पर suspense और intrigue का तड़का है, जो पाठक को अपनी सीट पर बंधे रखता है। वकील की रणनीतियाँ और केस की पेचिदगियाँ साजिशों से भरी हुई हैं, जबकि अपराधी की पहचान और हत्या के कारणों की तहकीकात में गहराई से उतरना आवश्यक है।
यह न केवल एक थ्रिलर है, बल्कि यह न्याय के बारे में भी गहरी सोच विचार करने के लिए मजबूर करता है। पाठक को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार करने में सक्षम बनाता है जो समाज में व्याप्त हैं, जिसमें अपराधी और कानून के बीच का जटिल संबंध उजागर होता है।
Book Details
Format
Paperback
Pages
302 pages
Language
Hindi
Published
Feb 1, 2007
Publisher
Raja Pocket Books
Editions
2 editions