Description
सुरेन्द्र मोहन पाठक की कहानी एक रहस्यमय और आकर्षक स्त्री के इर्द-गिर्द घूमती है, जो स्वर्ग की अप्सरा जैसी खूबसूरत है। उसकी सुंदरता और जादुई छवि की चर्चा हर कहीं होती है, जिससे लोग उसकी ओर खींचे चले आते हैं। लेकिन उसका जीवन केवल बाहरी सुंदरता से नहीं भरा है; उसमें गहराई और पेचिदगियाँ भी छिपी हुई हैं।
यह कहानी प्रेम, मोहब्बत, और विछोह की एक अद्भुत यात्रा है। पाठक ने एक ऐसे किरदार का निर्माण किया है, जो न केवल देखने में अद्वितीय है बल्कि उसके मन की जटिलताएँ भी पाठकों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। यह कहानी न केवल आत्मिक।
यह कहानी प्रेम, मोहब्बत, और विछोह की एक अद्भुत यात्रा है। पाठक ने एक ऐसे किरदार का निर्माण किया है, जो न केवल देखने में अद्वितीय है बल्कि उसके मन की जटिलताएँ भी पाठकों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। यह कहानी न केवल आत्मिक।
Book Details
Format
Paperback
Language
Hindi
Published
May 1, 1985
Publisher
Maruti Pocket Books